सीजीएल परीक्षा के लिए उल्टी गिनती शुरू हो गई है। एक एक करके दिन कम हो रहे हैं । ऐसी स्थिति में उन परीक्षार्थियों की धडक़नें बढऩा स्वाभाविक है जिनकी तैयारी उस स्तर की नहीं हो सकी है जितनी आवश्यक है। टेंशन लेने का नहीं देने का। यह डॉयलाग आपने बहुत सुना होगा लेकिन है बहुत काम का। टेंशन लेने से काम बनने वाला नहीं बल्कि सोच-विचार में और समय खराब होगा। वह समय भी आपके हिस्से से कम होगा क्योंकि समय सीमित है। टेंशन दो तरह का होता है। पहले तरह टेंशन यह होता है कि टारगेट बड़ा हो या छोटा उसे देखकर हम घबरा जाते हैं। यानी हम लक्ष्य को अपने ऊपर हाबी करके अपना टेंशन बढ़ा लेते हैँ। इस तरह का टेंशन आपके भविष्य और आपकी सेहत दोनों के लिए खतरनाक है। दूसरी तरह का टेंशन यह होता है कि लक्ष्य चाहे जितना बड़ा हो उस पर हावी हो जाना और बिना कुछ सोचे समझे टारगेट को अचीव करने के लिए जुट जाना। टारगेट बड़ा हो तो उसे कई टुकड़ों में डिवाइड करके उसे अचीव करो। इससे भी काम न बने तो काउंट डाउन करके एक-एक प्वाइंट अचीवमेंट करके अपने हार्ड यानी टफ टारगेट को ईजी बना डालो और फिर उस पर काबू पा लो। टारगेट अचीव करने वाले दूसरी तरह की टेंशन आपको निश्चित रूप से सफलता की ओर ले जाती है।
अब आइए जाने कि टेंशन के दौरान अपनी सेहत कैसे दुरुस्त रखें। जंक फूड का इस्तेमाल करने वाले दोस्तो, अपनी आदत पर काबू करो। तली चीजें खाने के शौकीन दोस्तों के लिए भी यही सलाह है। जब पढऩे बैठें तो हो सके तो लिक्विड फार्म वाली नशारहित पेय पदार्थ अधिक इस्तेमाल करें। संभव हो तो शुद्ध जल या पीने का पानी ही पेय पदार्थ बनाएं। इससे आपके शरीर का तापमान सामान्य बना रहेगा। इस दौरान जब भी वाशरूम जाएं तो हाथ धोने के साथ मुंह धोएं और आंखों में ठंडा पानी अवश्य डालें। इससे आपका दिमाग और आपकी आंखें दोनों ही तरोताजा हो जाएंगी। यह कार्य पढ़ाई के दौरान हर एक घंटे के बाद लिए जाने वाले ब्रेक के समय और दुबारा पढ़ाई शुरू करने के समय किया जाए तो बेहतर होगा। क्यों कि कहा गया है हेल्थ इज वेल्थ, न कि वेल्थ इज हेल्थ।
अब आइए जाने कि टेंशन के दौरान अपनी सेहत कैसे दुरुस्त रखें। जंक फूड का इस्तेमाल करने वाले दोस्तो, अपनी आदत पर काबू करो। तली चीजें खाने के शौकीन दोस्तों के लिए भी यही सलाह है। जब पढऩे बैठें तो हो सके तो लिक्विड फार्म वाली नशारहित पेय पदार्थ अधिक इस्तेमाल करें। संभव हो तो शुद्ध जल या पीने का पानी ही पेय पदार्थ बनाएं। इससे आपके शरीर का तापमान सामान्य बना रहेगा। इस दौरान जब भी वाशरूम जाएं तो हाथ धोने के साथ मुंह धोएं और आंखों में ठंडा पानी अवश्य डालें। इससे आपका दिमाग और आपकी आंखें दोनों ही तरोताजा हो जाएंगी। यह कार्य पढ़ाई के दौरान हर एक घंटे के बाद लिए जाने वाले ब्रेक के समय और दुबारा पढ़ाई शुरू करने के समय किया जाए तो बेहतर होगा। क्यों कि कहा गया है हेल्थ इज वेल्थ, न कि वेल्थ इज हेल्थ।

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